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सैफई के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के नाम पर मुंडवाए जूनियरों के सिर

उत्तर प्रदेश के इटावा के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की बात सामने आने के बाद वहां हड़कंप गया. बतादें कि 100 से ज्यादा छात्रों ने रैगिंग के विरोध में सिर मुडंवा कर विरोध किया. कॉलेज के सीनियर छात्रों पर जूनियरों को परेशान करने और उन्हें क्लास से लेकर कैंटीन तक सिर झुकाकर चलने को बाध्य करने का आरोप है. मंगलवार शाम को सैफई पुलिस और यूनिवर्सिटी के कुलपति ने छात्रों से बात की, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की.

रैंगिग की खबर बाहर आने के बाद यूनिवर्सिटी के वीसी (वाइस चांसलर) ने कहा कि अगर किसी ने यहां अनुशासन तोड़ा है तो उसे सजा भी मिलेगी. उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. छात्रों को कम से कम एक बार अपने वार्डन से इसकी शिकायत जरूर करनी चाहिए थी. वीसी ने आगे कहा कि पूरी घटनाक्रम पर वो खुद नजर बनाए हुए हैं.

बतादें कि ये मडिकल कॉलेज सपा पार्टी के नेता और पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई में बना हुआ है. इस यूनिवर्सिटी की स्थापना मुलायम सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान हुई थी. इस कॉलेज में Mbbs,MS,Md, पैरामेडिकल समेत कई विषयों पर पढ़ाई होती है, और इस में करीब एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं.

Saifai Medical College
Saifai Medical College

वहीं मेडिकल कॉलेज में करीब 150 स्टूडेंट एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं. इन सभी स्टूडेंस ने रैगिंग के विरोध में अपना सिर मुंडवा लिया.

उसके बाद रैंगिग की खबरें कॉलेज परिसर से निकल कर हर तरफ फैल गई. जिसके बाद मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया. मामला बढ़ता देख चिकित्सा शिक्षामंत्री आशुतोष टंडन ने यूनिवर्सिटी के वीसी से इस मामले में जवाब-तलब कर लिया है. दूसरी और सैफई पुलिस भी फोर्स लेकर यूनिवर्सिटी पहुंच गई.

पुलिस और कुलपति ने सभी स्टूडेंट से रैगिंग को लेकर पूछताछ करनी चाही तो, किसी भी स्टूडेंट ने उनसे शिकायत नहीं कि. जानकारी के मुताबिक रैगिंग की बात कॉलेज के बाहर छात्रों ने ही पहुंचाई थी. लेकिन उन्हें ये भी डर है कि सीनियरों का करियर कहीं खत्म न हो जाए. इसी डर से वे खुलकर शिकायत नहीं कर रहे हैं.

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Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.

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