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महादेव के इन नामों को जपने से बनेंगे बिगड़े काम

Mahadev
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आंख मूंदकर देख रहा है, साथ समय के खेल रहा है. महादेव महा एकाकी जिसके लिए जगत है झांकी. वहीं शून्य है वही इकाय जिसके भीतर बसा शिवाय

 ॐ नम: शिवाय

 रावण उसका, राम भी उसका. जीवन उसका मरण भी उसका. तांडव है, और ध्यान भी वो है. अज्ञानी का ज्ञान भी वो है.

आप ये सब पढ़ कर समझ ही गए होंगे कि हम किन की बात कर रहे हैं. अगर किसी एक व्यक्ति में इस संसार की सारी खूबी है, तो वे शिव है.

भगवान शिव के न जाने कितने ही रूप और नाम हैं. हर नाम की अपनी महिमा है. इनके हर नाम में एक विशेष शक्ति छिपी है. ये शक्ति तमाम परेशानियों और कष्टों को नष्ट कर जीवन में सुख का संचार करती है.

आइए आपको बताते हैं भगवान शिव के अलग-अलग नामों के जपने का महत्व

विश्वम्भर नाम जपने से मिलेगा रोजगार-

बेरोजगारी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए भगवान शिव के ‘विश्वम्भर’ नाम का प्रयोग करें.

उठते-बैठते, खाते-पीते शिव का ‘विश्वम्भर’ नाम जपने से बेरोजगारी की समस्या दूर होती है.

महेश्वर नाम से चलेगा कारोबार-

कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए ‘महेश्वर’ नाम का प्रयोग करें.

काम पर निकलने से पहले या निकलते हुए ‘महेश्वर’ नाम का जाप करें. इस जाप से कारोबार की हर समस्या का हल निकलता है और सफलता मिलती है.

आशुतोष का जप करने से सुधरेगा जीवनसाथी का व्यवहार-

‘आशुतोष’ का जाप करने से जीवनसाथी से अनबन दूर होती हैं.

सुबह उठने के बाद और रात में सोने के पहले इस नाम का जाप करें. जिसके बाद आपको अपनी जीवनसाथी का व्यवहार बेहतर लगेगा.

महादेव नाम से मिलती है अच्छी सेहत-

सुहब स्नान करके मंदिर में शिव जी को जल चढ़ाएं और महादेव नाम का कम से कम 15 मिनट जाप करें.

ऐसा करने से सेहत में काफी सुधार होगा.

रूद्र नाम के जप से सुधरेगा संतान का बर्ताव-

दोपहर के वक्त ‘रूद्र’ नाम का 15 मिनट जाप करें. इसके बाद अपनी संतान का 11 बार नाम लेने से उनके व्यवहार में परिवर्तन आएगा.

नटराज बढ़ाएगा मान-सम्मान-     

यश और कीर्ति पाने के लिए भगवान शिव के नटराज नाम का जाप करें.

प्रदोष काल में शिव के ‘नटराज’ नाम का 108 बार जाप करें.

शिव का नाम जपने से खुलेंगे मोक्ष के द्वार-

‘शिव’ नाम का जप करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

शिव जी का ध्यान करते हुए ‘शिव’ नाम का जाप करने का फल जरूर मिलता है.

 

About the author

Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.

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