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दिल्ली का सीएम और मंत्री भी 4 नवंबर से ऑड ईवन के दायरे में, सिर्फ इन्हें मिलेगी छूट

केजरीवाल
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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि 4 नवंबर से 15 नवंबर तक ऑड ईवन लागू होगा. जिसमें दूसरे स्टेट की गाड़ियां भी दायरे में आएंगी. वहीं,दो पहिया वाहनों को भी छूट मिलेगी. साथ ही ऑड ईवन के दौरान मरीजों को ले जाने वाली गाड़ियों को भी रोका नहीं जाएगा. नियम तोड़ने पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

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सुबह 8 से शाम के 8 तक लागू

दिल्ली के सीएम ने कहा कि ऑड-ईवन स्कीम (4 नवंबर से 15 नवंबर) दिल्ली में सुबह 8 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक लागू रहेगी. ये दिल्ली में आनेवाली बाहर की गाड़ियों पर भी लागू होगी. ये नियम रविवार को लागू नहीं होगी.

दो पहिया वाहन, महिलाओं और दिव्यांगों को छूट

इसबार ऑड-ईवन में टू वीइलर्स को छूट दी गई है. इसके अलावा महिलाओं को छूट का ऐलान केजरीवाल पहले ही कर चुके हैं, जिस गाड़ी में स्कूल ड्रेस में कोई बच्चा या फिर दिव्यांग होगा उसे छूट दी गई है. महिलाओं को शर्त के साथ छूट है, जिस गाड़ी को अकेली महिला चला रही होगी उसे छूट होगी. इसके अलावा अगर गाड़ी में सभी सवारी महिलाएं होंगी या फिर महिला के साथ 12 साल तक का बच्चा होगा तो उसे छूट होगी.

इन लोगों को मिलेगी छूट

इस स्कीम से कुछ वीआईपीज को भी छूट दी गई है.जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, सीजेआई, लोकसभा स्पीकर, केंद्रीय मंत्रियों, राज्यसभा और लोकसभा में नेता विपक्ष, दूसरे राज्यों के सीएम, इमरजेंसी वीइलल्स, इनफोर्समेंट, पुलिस के वाहनों को छूट है, डिफेंस मिनिट्री की नंबरप्लेट वाली गाड़ियों, मेडिकल इमरजेंसी वाली कारों को भी इससे बाहर रखा गया है.

 इन लोगों को नहीं मिलेगी छूट

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि ऑड- ईवन स्कीम दिल्ली के सीएम और मंत्रियों पर लागू होगी. लेकिन दिल्ली के एलजी पर ये लागू नहीं होगी.

इस बार जुर्माना बढ़ाया

ऑड-ईवन योजना के तहत जुर्माने की राशि तय कर ली गई है. नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ऑड-ईवन नियम तोड़ने पर अब 4000 रुपये का चालान देना होगा. साल 2016 नियम तोड़ने पर चालान की राशि 2000 रुपये थी.

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Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.