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मुंबई के जंगल पर दंगल! सुप्रीम कोर्ट का आदेश- नहीं कटेंगे 2700 पेड़

मुंबई
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मुंबई के आरे में पेड़ों को बचाने के लिए दी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फिलहाल कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा. इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने फैसला सुनाया. बता दें कि छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आरे के पेड़ों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी. छात्रों ने CJI को इस मामले में एक चिट्ठी लिखी जिसमें कहा गया था कि उन्हें अपने विशेषाधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मामले की तुरंत सुनवाई करने चाहिए और पेड़ों के कटने पर रोक लगानी चाहिए. दूसरी तरफ़ आरे में पुलिस की नाकेबंदी अभी भी जारी है, लेकिन धारा 144 को हटा लिया गया है.

क्या है मामला

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार के आगे एक नया मामला खड़ा हो गया था. एक तरफ वो लोग थे जो मुंबई में आरे कॉलोनी में लगे पेड़ों को बचाने के लिए जी जान लगाए हुए थे,  दूसरी तरफ सरकार है जो आरे कॉलोनी के ढाई हज़ार से ज्यादा पेड़ों को काटकर वहां पर मेट्रो परियोजना से जुड़ी पार्किंग शेड बनाना चाहती है. बतादें कि मुंबई की आरे कालोनी में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों को काटा जा रहा  था. करीब 2500 से अधिक पेड़ों का काटा जाना राज्य सरकार के लिए मुसीबत बन गया, लेकिन ये भी सच है कि इस मसले पर बॉम्बे हाईकोर्ट, NGT  की ओर से ग्रीन सिग्नल पहले ही मिल चुका था. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी थी इजाजत

मुंबई में मेट्रो प्रोजेक्ट-3 के लिए इन पेड़ों को काटा जा रहा था, लेकिन कई प्रदर्शनकारी, सेलेब्रिटी इसका विरोध कर रहे थे. वहीं आरे के इन पेड़ों को मुंबई का फेफड़ा कहा जाता है, कटाई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गईं. जिसमें इन्हें जंगल घोषित किए जाने की अपील की, ताकि पेड़ ना काटे जा सकें. लेकिन  बॉम्बे हाईकोर्ट ने इन्हें जंगल नहीं माना और तुरंत पेड़ों की कटाई का काम शुरू हो गया था.

प्रदर्शनकारी हिरासत में

उसके बाद पर्यावरण प्रदर्शनकारियों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था. पुलिस ने IPC की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए 29 प्रदर्शनकारियों को सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था. साथ ही रविवार को सभी ऐक्टिविस्ट्स को जमानत मिल गई है. पुलिस ने इससे पहले करीब 60 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें गिरफ्तार किए गए ये लोग शामिल थे.

सियासत गर्म- शिवसेना सहित सभी दल विरोध में

इस मामले में सियासत तेज हो गई , क्योंकि इस मामले में पर्यावरण प्रेमी और प्रशासन आमने सामने हैं. लेकिन शिवसेना, कांग्रेस, AAP इसके विरोध में उतर गए. कोर्ट के आरे से जुड़ी याचिकाओं को खारिज करने के बाद शुक्रवार रात से ही पेड़ कटने लगे थे. जिसका विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोग इसे रोकने पहुंच गए थे.

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Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को पनपने का मौका देता हूं..