Observed Policies/Schemes

Fellowship- बाल अधिकार पर करें रिसर्च, मिलेंगे 1 लाख रुपए, ऐसे करें अप्लाई

बाल
बाल

ये खबर बहुत खास है, क्योंकि चाइल्ड राइट्स ऐंड यू (CRY) ने भारतीय रिसर्चर से बाल अधिकारी शोध फेलोशिप 2019  के लिए आवेदन आमंत्रित किया है. इस फेलोशिप में 50हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक के 5 पुरस्कार दिए जाएंगे.

क्या है सीआरवाई ?

बतादें कि चाइल्ड एक गैर सरकारी संगठन (NGO) है. CRY बाल अधिकारों की बहाली के लिए काम करती है. वहीं CRY का लक्ष्य ऐसे संभावित शोधकर्ताओं का एक ग्रुप तैयार करना है जो बाल अधिकार को बढ़ावा दे और उसकी वकालत करें.

कौन कर सकता है, आवेदन

– जो भारत में रहता हो, भारत को नागरिक हो.

– उसकी उम्र 18 साल से ज्यादा हो.
– बाल अधिकारों पर रिसर्च करने की रूचि रखता हो

इससे लाभ

जो भी ये करेगा, उनमें से 5 फेलो को चुना जाएगा. जिनको 50,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का अवॉर्ड दिया जाएगा.

कैसे करें अप्लाई

– इनकी वेबसाइट https://www.cry.org/child-rights-research-fellowship से सीवी और प्रपोजल का फॉर्मेट डाउनलोड करें

– भरी हुई प्रतियां ईमेल आईडी research@crymail.org पर भेजें या डाक से निम्न पते पर भेजें.

The Documentation Centre

CRY-Child Rights and You, Documentation Centre,

189 A, Anand Estate, Sane Guruji Marg, Mumbai 400011

दस्तावेज

– 3 पेजों का रिसर्च प्रपोजल भेंजे

– 2 पेज का अपडेटेड सीवी

-बाल अधिकार से जुड़े आर्टिकल/पेपर सैंपल भेंजे

– दो रेफरी का नाम और संपर्क का विवरण

ये भी पढ़े- CTET 2019- आवेदन की आखिरी डेट आगे बढ़ी

अहम तारीख

अप्लाई की आखिरी तारीख- 20 सितंबर, 2019

नाम की घोषणा- नवंबर 2019

 कैसे होगा चयन

जो लोग आवेदन भेजेंगे, उनकी समीक्षा के बाद एनसीआरआरएफ चयन कमिटी शॉर्टलिस्ट हुए कैंडिडेट्स से ईमेल के माध्यम से संपर्क करेगी.फिर बाद में चयन कमिटी एक विडियो कॉल के माध्यम से संपर्क करेगी. फिर इस पर हुई बातचीत के आधार पर फेलो का चयन होगा. उसके बाद चुने हुए फेलो के लिए एक शुरुआत शोध कार्यशाला का आयोजन होगा. जहां उनको अपनी रिसर्च की योजना और हासिल सामूहिक अनुभव को साझा करना होगा.

About the author

Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.

Follow

Advertisement

Log in

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy