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इसरो ने रचा इतिहास, लॉन्च किया कार्टोसैट-3 सैटेलाइट, मार्च तक 13 और लॉन्चिंग

इसरो
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार को एक बार फिर इतिहास रच दिया. इसरो ने कार्टोसैट-3  के साथ अमेरिका के 13 नैनो सैटेलाइट की एक साथ लॉन्चिंग की. ये इसरो का साल का पांचवां मिशन है. अब भारतीय सेनाएं पाकिस्तान की नापाक हरकत और उनकी आतंकी गतिविधियों पर बाज जैसी नजर रख पाएंगी. जरूरत पड़ने पर इस सैटेलाइट की मदद से सर्जिकल या एयर स्ट्राइक भी कर पाएंगी. इस सैन्य जासूसी सैटेलाइट को PSLV-C-47 के जरिए इसकी कक्षा में पहुंचाया जाएगा.

ISRO चीफ ने कहा

ISRO चीफ डॉ. के. सिवन ने इसकी सफल लॉन्चिंग के बाद कहा कि ”मैं बहुत खुश हूं क्योंकि पीएसएलवी-सी47 ने कार्टोसैट-3 और 13 अमेरिकी सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है”. ये सबसे ताकतवर कैमरे वाला नागरिक उपग्रह है, मैं पूरी टीम को सैटेलाइट टीम को बधाई देना चाहता हूं. क्योंकि ये देश का अब तक सबसे बेहतरीन अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट है. अब हम मार्च तक 13 उपग्रह और छोड़ेंगे, हमारा ये टारगेट है और इसे हम जरूर पूरा करेंगे”.

क्या है इसकी खासियत

– कार्टोसैट-3 से सबसे ज्यादा फायदा तीसरी पीढ़ी को होगा. क्योंकि ये बेहद चुस्त और उन्नत सैटेलाइट है, इसमें हाई रिजोल्यूशन तस्वीर लेने की क्षमता है.

– इसका भार 1,625 किलोग्राम है और ये शहरी नियोजन, ग्रामीण संसाधन और बुनियादी ढांचे के विकास, तटीय भूमि के उपयोग और भूमि कवर के लिए उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करेगा.

– इसरो के मुताबिक पीएसएलवी-सी47 ‘एक्सएल’ कनफिगरेशन में पीएसएलवी की 21वीं उड़ान है.

– वहीं रक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि अभी तक इतनी सटीकता वाला सैटेलाइट कैमरा किसी देश ने लॉन्च नहीं किया है. वहीं अमेरिका की निजी स्पेस कंपनी डिजिटल ग्लोब का जियोआई-1 सैटेलाइट 16.14 इंच की ऊंचाई तक की तस्वीरें ले सकता है.

कार्टोसैट सीरीज के 8 सैटेलाइट अब तक लॉन्च

कार्टोसैट-1- 5 मई 2005

कार्टोसैट-2- 10 जनवरी 2007

कार्टोसैट-2A- 28 अप्रैल 2008

कार्टोसैट-2B: 12 जुलाई 2010

कार्टोसैट-2 सीरीज: 22 जून 2016

कार्टोसैट-2 सीरीज: 15 फरवरी 2017

कार्टोसैट-2 सीरीज: 23 जून 2017

कार्टोसैट-2 सीरीज: 12 जनवरी 2018

About the author

Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.

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