Gathered Political

जस्टिस बोबडे होंगे देश के अगले चीफ जस्टिस, 18 नवंबर को लेंगे शपथ

चीफ जस्टिस
चीफ जस्टिस

शरद अरविंद बोबडे सुप्रीम कोर्ट के अगले चीफ जस्टिस होंगे. बतादें कि अगले महीने नवंबर 17 तारीख को मौजूदा CJI रंजन गगोई रिटायर हो रहे हैं. वहीं रंजन गगोई के रिटायर होने के अगले दिन यानी 18 नवंबर को बोबडे देश के नए मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे. बीते दिनों CJI रंजन गोगोई ने नियमानुसार जस्टिस बोबडे को देश का अगला CJI बनाए जाने की सिफारिश की थी जिसपर अब राष्ट्रपति कोविंद ने मंजूरी दे दी है. जस्टिस बोबडे देश के 46वें चीफ जस्टिस होंगे.

ये भी पढ़ें- आंतक का आका आखिरी वक्त में गिड़गिड़ा रहा था, भाग रहा था, ऐसे मरा बगदादी

जस्टिस बोबडे के फैसले जो बनाएंगे उन्हें अगला CJI  

– 40 दिनों से रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की रोजाना सुनवाई कर रही जजों की पीठ में जस्टिस एस.एस बोबडे शामिल थे.

– जब CJI रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था, तब उसकी जांच SC के ही 3 जज कर रहे थे, उस पीठ में जस्टिस एस.ए बोबडे शामिल थे.

– दिल्ली- NCR में जब SC ने पटाखों की बिक्री पर जब रोक लगाई थी, इस फैसले में जस्टिस एस.ए बोबडे भी शामिल थे.

–सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार कार्ड को लेकर दिए गए फैसले में जस्टिस एस. एस. बोबडे भी शामिल थे. SC ने कहा था कि आधार कार्ड के बिना कोई भी भारतीय मूल सुविधाओं से वंचित नहीं रह सकता है. इस पीठ में जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस चेलमेश्वर और जस्टिस नागप्पन शामिल थे.

जस्टिस बोबडे के बारे में मुख्य बातें

– जस्टिस अरविंद शरद बोबडे (एस. ए. बोबडे)  का जन्म जन्म 24 अप्रैल, 1956 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था.

–    नागपुर यूनिवर्सिटी से उन्होंने बी.ए. और एल.एल.बी डिग्री ली है.

–    जस्टिस बोबडे ने 1978 में बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र को ज्वाइन किया था.

–    फिर उन्होंने बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में लॉ की प्रैक्टिस की, 1998 में वरिष्ठ वकील बने.

–   साल 2000 में उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में बतौर एडिशनल जज बने. इसके बाद वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने.

–    सुप्रीम कोर्ट में 2013 बतौर जज कमान संभाली. जस्टिस एस. ए. बोबड़े 23 अप्रैल,  2021 को रिटायर होंगे.

–    18 नवंबर को जस्टिस बोबडे बतौर चीफ जस्टिस शपथ लेंगे.

About the author

Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.

Follow

Advertisement

Log in

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy