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बहन ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है, जानिए राखी मनाने का सही तरीका

Rakhi
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आज रक्षाबंधन का त्योहार है. भाई-बहन के अनमोल रिश्ते का त्योहार, रक्षा की कसम लेने का त्योहार और आखिरी सांस तक इस मासूम रिश्ते को निभाने का त्योहार. रायसूय यज्ञ के समय भगवान कृष्ण को द्रौपदी ने रक्षा सूत्र के रूप मैं अपने आंचल का टुकडा बांधा था. इसी के बाद से बहनों द्वारा भाई को राखी बांधने की परंपरा शुरू हो गई. हिंदू कैंलेंडर के मुताबिक ये त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. आज के दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती है और इस अवसर पर भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है कि वो आखिरी सांस तक अपनी बहन की रक्षा करेगा. साथ ही ऐसा कहा जाता है कि श्रावण नक्षत्र में बांधा गया रक्षासूत्र निडरता, स्वाभिमान, अमरता, कीर्ति, उत्साह एवं स्फूर्ति प्रदान करता है.

रक्षासूत्र मंत्र

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

पूजन विधि

– राखी के दिन बहन प्रात: जल्दी उठकर थाल में राखी सजाकर मंदिर जाती है.

– उसके बाद रोली, अक्षत, कुमकुम और दीपक जलाकर थाल सजाती है.

– थाली के अंदर रंग-बिरंगी राखियां रखी जाती हैं.

– फिर बहने-भाई के माथे पर कुमकुम और रोली का तिलक लगाकर उसकी आरती उतारती है.

– इसके बाद वे भाई के हाथ पर राखी बांधती है और मिठाई खिलाकर उसका मुंह मीठा करती है.

– इस दिन भाई-बहन की रक्षा करने का संकल्प लेता है और बहन को उपहार भी देता है.

– उपहार मैं ऐसी वस्तुएं दें जो  दोनों के लिए मंगलकारी हो, काले कपड़े और तीखा या नमकीन    खाद्य न दें.

– रक्षासूत्र बंधने के वक्त भाई और बहन का सर खुला नहीं होना चाहिए.

– बहनें भाई के लिए हर बाधाओं से पार पाने और उसकी लंबी उम्र की कामना करती हैं.

 रक्षाबंधन का मुहूर्त क्या है ?

– इस बार 15 अगस्त को शाम 05.59 तक पूर्णिमा रहेगी.

– दिन में कोऊ भद्रा नहीं है.

-पूरे दिन में कभी भी राखी बांधी जा सकती है..

-शाम 05.59  से पहले बांध लें तो अच्छा होगा.

कैसी होनी चाहिए राखी ?

राखी तीन धागों की होनी चाहिए.

– लाल पीला और सफेद.

– लाल और पीला धागा तो होना ही चाहिए.

– रक्षासूत्र में चन्दन लगा हो तो वह काफी शुभ होता है.

About the author

Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.

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