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NIRDPR अंग्रेजी टीचरों के लिए वैकेंसी,ऐसे करें आवेदन, उम्र सीमा 63 से कम

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NIRDPR-अगर आप लंबे समय से नौकरी तलाश रहे हैं और आपको कहीं भी सफलता नहीं मिल रही है, तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. अगर आप अंग्रेजी बोलना जानते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है. क्योंकि आपके पास सरकारी नौकरी पाने का शानदार मौका है.बतादें कि नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ रूरल डेवेलपमेंट एंड पंचायती राज, हैदराबाद ने आधारिक नोटिफिकेशन जारी कर अंग्रेजी शिक्षक पदों पर आवेदन आमंत्रित किया है. इच्छुक उम्‍मीदवार आधिकारिक वेबसाइट irdpr.org.in पर जाकर पदों से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं और अपनी योग्‍यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं. इन पदों पर आवेदन की आखिरी तारीख 30 अक्‍टूबर 2019 है.

ये भी पढ़ें- दिल्ली पुलिस में इन पदों पर बंपर वैकेंसी, आवेदन शुरू, ऐसे होगा सेलेक्शन

ऐसे करें अप्लाई

– सबसे पहले  आधिकारिक वेबसाइट irdpr.org.in पर जाएं.

– उसके बाद  होमपेज पर दिए गए लिंक job vacancies पर क्लिक करें.

– फिर एक नया पेज खुलेगा, वहां “NIRDPR invites application for English post” लिंक पर क्‍ल‍िक करें.

–  अब आप अप्‍लाई विकल्‍प में जाएं और जरूरी जानकारी भरें.

– एप्‍ल‍िकेशन फॉर्म भरें और submit बटन पर क्‍ल‍िक करें.

योग्‍यता

– उम्‍मीदवार ने किसी भी मान्‍यता प्राप्‍त यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन किया हो.

– 10वीं और 12वीं क्लास के छात्रों को अंग्रेजी पढ़ाने का अनुभव हो.

–  उम्‍मीदवार, ना केवल अंग्रेजी भाषा बोलना जानता हो, बल्‍क‍ि वो अंग्रेजी में धाराप्रवाह बोल भी लेता हो.

  1. इंग्‍ल‍िश ग्रामर भी आनी जरूरी है.
मुख्य जानकारी

– irdpr.org.in वेबसाइट का ध्‍यान रखें:

– आवेदन करने की आखिरी तारीख- 30 अक्‍टूबर 2019

– पदों की कुल संख्‍या -2

– आयु सीमा- 63 साल से कम

चयन प्रक्रिया- लिखित परीक्षा और निजी इंटरव्‍यू के आधार पर चयन होगा.

नेशनल इंस्‍ट‍ि्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट और पंचायती राज के बारे में जानकारी

नेशनल इंस्‍ट‍िट्यूट ऑफ रूरल डेवेलपमेंट एंड पंचायत राज,  दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर रिसर्च करने वाला संस्‍थान है. ये हैदराबाद के करीब स्‍थ‍ित राजेंद्रनगर में है. NIRD दो साल का PGDM कोर्स कराता है.

About the author

Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.

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