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पाक को सता रहा है परमाणु हमले का डर, नरेंद्र मोदी से घबराए इमरान खान!

इमरान
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पाकिस्तान के पीएम इमरान खान इन दिनों बौखलाए हुए हैं. जम्मू-कश्मीर पर पीएम मोदी के फैसले के बाद दुनिया के तमाम मंचों पर इमरान खान भारत की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई देश भाव नहीं दे रहा है. पाकिस्तानी पीएम की हालत इस वक्त खिसियाई बिल्ली खंबा नोचे वाली हो गई है. पाक पीएम इमरान खान ने लगातार कई टवीट्स किए और भारत के परमाणु हथियारों को लेकर अपना डर जाहिर किया. सभी ट्वीट्स में निशाना पीएम मोदी, संघ, और कश्मीर पर था. इमरान खान काफी दिनों से धर्म का कार्ड खेल रहे हैं.

इमरान खान ने लिखा कि भारत के परमाणु हथियार का नियंत्रण फासीवादी मोदी सरकार के हाथ में है. ये एक ऐसा मुद्दा है कि जिससे केवल क्षेत्र पर नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर इसका प्रभाव पड़ेगा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का ये बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पहले परमाणु हमला न करने की नीति में परिस्थितियों के मुताबिक बदलाव के ऐलान के बाद आया है. बतादें कि रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को कहा था कि हमारी नीति रही है कि हम परमाणु हथियार का इस्तेमाल पहले नहीं करते, लेकिन आगे क्या होगा, ये परिस्थितियों पर निर्भर करता है.

इमरान खान ने एक ट्वीट में लिखा, ”हिंदुत्ववादी मोदी सरकार केवल पाक के लिए नहीं बल्कि भारत के अल्पसंख्यकों और नेहरू-गांधी के भारत के लिए ख़तरा है.”

वहीं एक बार फिर पाक पीएम कश्मीर मुद्दे पर दुनिया का समर्थन मांगते नजर आए. इमरान ने कहा कि कश्मीर के हालात को देखते हुए, अब तक खतरें की घंटियां बज जानी चाहिए थीं और UN के पर्यवेक्षक वहां भेजे जाने चाहिए थे.

इमरान ने पीएम मोदी की तुलना नाजियों से की और उन पर ये आरोप लगाया कि कश्मीर में पिछले 2 सप्ताह से 90 लाख मुस्लिम डर के साए में जी रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार की नफरत की विचारधारा की वजह से न केवल भारत के अल्पसंख्यक खौफ में हैं बल्कि पाक हिंदू अल्पसंख्यकों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है.

साफ है कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के हाथ से पीएम मोदी ने वे मुद्दा छीन लिया जिसके कारण आज तक पाक के पीएम अपनी जनता को ठगते रहे हैं. हिंदू विरोध पर बना पाक अपने जन्म के बाद से ही सिर्फ विरोध के आधार पर ही टिका रहा. वहां की जनता को वहां के सियासी चेहरे उल्लू बनाते रहे. इमरान खान इस कड़ी में एक नए किरदार हैं बस.

About the author

Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.

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