Gathered Political

एक तरफ येडियुरप्पा कैबिनेट की शपथ, दूसरी तरफ बीजेपी में विरोध की सुगबुगाहट, नेता नाराज!

B. S. Yediyurappa
B. S. Yediyurappa

कर्नाटक के सीएम बीएस येडियुरप्पा ने सत्ता में आने के बाद एक महीने बाद मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल में 17 मंत्रियों को शामिल किया. उन्होंने पहले चरण में पूर्व जगदीश शेट्टार, निर्दलीय विधायक एच नागेश समेत 16 अन्य विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया. राज्यपाल वजूभाई वाला ने मंगलवार को नये मत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. मंत्रिमंडल की सूची पर बीजेपी आलाकमान की मुहर लगी है. सूत्रो के मुताबिक, येडियुरप्पा को मंत्रिमंडल विस्तार में संतुलन स्थापित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी है, क्योंकि इन नामों पर गौर करें तो उन्होंने जातिगत और क्षेत्रीय आधार पर अच्छा संतुलन बनाया है.

बतादें कि युदियुरप्पा के 26 जुलाई को सीएम बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल का ये पहला विस्तार है. उन्होंने 29 जुलाई को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुत साबित किया था. हालांकि पहली सूची में येडियुरप्पा के कई वफादार शामिल नहीं किए गए हैं. ऐसे में इसके खिलाफ विरोध के सुर उठ सकते हैं.

कई बड़े नेताओं समेत कम से कम एक दर्जन से अधिक मंत्री पद के दावेदार विधायक राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहे. उनमें से कुछ ने मौका नहीं दिए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. वहीं चित्रदुर्ग के वरिष्ठ विधायक जीएच थिप्पारेड्डी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी वरिष्ठता की अनेदेखी की गई है. उन्होंने कहा कि वे बीजेपी आलाकमान और येडियुरप्पा पर दवाब डालेंगे कि उन्हें भी मंत्री पद दिया जाए. उनके नाराज समर्थकों ने अपने नेता की अनदेखी के लिए पार्टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए, चित्रदुर्ग में गाड़ी के टायर में आग लगा दी.

6 बार विधायक और दलित नेता अंगारा मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए और कहा कि पार्टी की विचारधारा सिद्धांतों में उनके विश्वास का नेतृत्व द्वारा सम्मान नहीं किया गया. लेकिन उन्होंने ये साफ किया कि वे किसी भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे.

एक और विधायक रामप्पा लमानी ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने के लिए येडियुरप्पा पर हमला किया.

वहीं 15 सालों में पहली बार, जरखिहोली परिवार से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया गया है, जबकि ये बात सब जानते है कि जरखिहोली के विद्रोह ने एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जेडीएस-कांग्रेस सरकार गिराने में मदद की थी.

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Tarun Phore

न मैं आस्तिक... न मैं नास्तिक...बातें करूं मैं Sarcastic...अपनी अलग दुनिया में मस्त... सवाल पूछना अच्छा लगता है, इसलिए नहीं पत्रकार हूं...इसलिए क्योंकि सवाल तुम्हें भेड़चाल से अलग बनाते है...तभी मैं हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से तर्क रखता हूं...बाकि जजमेंटल बिल्कुल नहीं हूं...सोच को दबाता नहीं बल्कि उठाता हूं.

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